सिक्का गांव में 5 मौत का खुला राज, जहरीला सरसों तेल बनी वजह
सरसो तेल में कटैला मिला तेल के लगातार सेवन से हुई ड्रॉप्सी नामक बीमारी, पांव में हुआ सूजन

मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का कारण अब साफ हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि मौत किसी रहस्यमयी बीमारी से नहीं बल्कि जहरीले सरसों के तेल के इस्तेमाल से हुई थी। बताया कि पीड़ित परिवार के सरसों के तेल में कटैला (आर्जीमोन मेक्सिकाना) का तेल मिला हुआ था।
इसके लगातार सेवन से परिवार के लोग ड्रॉप्सी नाम की बीमारी की चपेट में आ गए। इस बीमारी में सबसे पहले पैरों में सूजन आती है। आंखों में जलन होने लगती है। इसका कोई खास एंटीडोट नहीं है।इलाज मरीज के लक्षणों के आधार पर किया जाता है।सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। झाड़-फूंक या ओझा-गुनी के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि सिक्का गांव के मरीज इलाज के दौरान चार बार अस्पताल से भाग गए थे। अगर समय पर इलाज होता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
बताया कि 22 से 30 जून तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में सर्वे किया। पानी के स्रोतों की जांच में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित परिवार के घर से पानी, सरसों का तेल, वनस्पति तेल, दाल, हल्दी और आटा के नमूने लिए गए। जांच में सरसों के तेल में कटैला का तेल मिला। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि उनके सरसों के तेल में यह तेल कैसे मिला। डॉ. श्रीवास्तव ने लोगों से सलाह दी कि खुला सरसों तेल न खरीदें। हमेशा ब्रांडेड व सीलबंद तेल ही इस्तेमाल करें। अगर तेल का रंग या स्वाद अलग लगे तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर दें। डॉक्टर से संपर्क करें।