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एनसीबी की कार्रवाई से डुमरी में हड़कंप, गांजा तस्करी का आरोपी गिरफ्तार

रिपोर्ट: Amit Sahay9 घंटे पहलेझारखण्ड

68 लाख के ड्रग ट्रांजेक्शन का आरोप: हैदराबाद एनसीबी ने पकड़ा, लोकल पुलिस ने रोका काफिला

एनसीबी की कार्रवाई से डुमरी में हड़कंप, गांजा तस्करी का आरोपी गिरफ्तार

पुलिस पर सवाल: किडनैपिंग का हल्ला कर रातभर थाने में रोकी टीम, क्रेडिट लेने की होड़?

गिरिडीह गिरिडीह जिले के डुमरी में हैदराबाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। एनसीबी टीम ने बेरमो मोड़ से गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट में शामिल अमरा पंचायत के तांबागुड़ियो निवासी सत्यम मिश्रा को फिल्मी अंदाज में दबोच लिया।

एनसीबी ने पकड़ा, लोकल पुलिस ने घेरा

गिरफ्तारी के बाद डुमरी और निमियाघाट थाने की पुलिस ने एनसीबी टीम को रोकने के लिए तोपचांची के पास एनएच-19 पर बैरिकेडिंग कर दी। रिवॉल्वर तानकर एनसीबी की इनोवा कार को रोका गया। किडनैपिंग का हल्ला मचाकर आरोपी समेत पूरी एनसीबी टीम को निमियाघाट थाना ले जाया गया और रातभर वहीं रोके रखा। रविवार को सभी को डुमरी पुलिस के हवाले किया गया।

68 लाख का ट्रांजेक्शन, लाइफस्टाइल बदला

डुमरी थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी सत्यम मिश्रा ने 68 लाख रुपये के नशीले पदार्थों का लेन-देन किया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीते 2-3 साल में आरोपी और उसके परिवार की लाइफस्टाइल अचानक बदल गई। साइकिल पर सब्जी बेचने वाला सत्यम बुलेट बाइक और क्रेटा कार से चलने लगा। उसने पक्का मकान बनाया और डुमरी में लाखों की जमीन भी खरीदी है।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

पुलिस के इस हस्तक्षेप को आरोपी को बचाने या कार्रवाई का क्रेडिट लेने की आपाधापी के रूप में देखा जा रहा है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो 1986 में स्थापित देश की शीर्ष एजेंसी है जो एनडीपीएस एक्ट के तहत अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी पर काम करती है। राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर बड़े नेटवर्क तोड़ना इसका काम है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गिरिडीह ले जाया जाएगा। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद एनसीबी आरोपी को अपने साथ हैदराबाद ले जा सकती है।

डुमरी में बेधड़क बिक रहा नशा

गौरतलब है कि डुमरी प्रखंड क्षेत्र में गांजा समेत महंगे नशीले पदार्थों का धंधा बेधड़क फल-फूल रहा है। चौक-चौराहों की कई गुमटियों में गांजा आसानी से मिल जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस निष्पक्षता से कार्रवाई करे तो कई लोग, खासकर युवा, सलाखों के पीछे होंगे।

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