ताज़ा-ख़बर

काम और सादगी के दम पर चुनाव मैदान में नीतू शर्मा, वार्ड 17 में घर-घर जनसंपर्क से मजबूत हो रही नीतू शर्मा की पकड़

रिपोर्ट: MANISH 10 घंटे पहलेझारखण्ड

मेनिफेस्टो नहीं, पांच साल का काम बना नीतू शर्मा की सबसे बड़ी ताकत, महिलाओं की टोली के साथ पैदल प्रचार, नीतू शर्मा को मिल रहा जनसमर्थन

काम और सादगी के दम पर चुनाव मैदान में नीतू शर्मा, वार्ड 17 में घर-घर जनसंपर्क से मजबूत हो रही नीतू शर्मा की पकड़

आदित्यपुर : नगर निगम क्षेत्र में 23 फरवरी को होने वाले निकाय चुनाव के मद्देनजर वार्ड 17 का मुकाबला कई महीनों से चर्चा का विषय बना हुआ है. अन्य प्रत्याशी जातीय समीकरण, मेनिफेस्टो और बड़े प्रचार वाहनों के साथ जनता के बीच पहुंच रहे है मगर निवर्तमान पार्षद नीतू शर्मा की रणनीति कुछ अलग और प्रभावशाली नजर आ रही है. नीतू शर्मा ने कोई भव्य मेनिफेस्टो जारी नहीं किया और न ही किसी बड़े प्रचार वाहन का उपयोग किया. इसके बजाय वह स्वयं महिलाओं की टोली के साथ घर-घर जाकर अपने कार्यों और उपलब्धियों के आधार पर वोट मांग रही हैं. उनका तरीका सीधे जनता के बीच में जाकर संवाद करने का है जो अन्य प्रत्याशियों के प्रचार से अलग और असरदार माना जा रहा है. वार्ड 17 में निवर्तमान पार्षद नीतू शर्मा ने जनता से वादा किया कि सरकार की ओर से जारी सभी नागरिक सुविधाएं, जैसे वृद्धा पेंशन, दिव्यंका पेंशन, सड़क-नाली-गली सुधार और अन्य आधारभूत संरचना के मुद्दे 100 प्रतिशत पूरे किए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है बल्कि जनता के लिए सतत और पारदर्शी सेवाओं को सुनिश्चित करना है. नीतू शर्मा के जनसंपर्क अभियान में वार्डवासियों की उत्साही भागीदारी देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे हर घर तक जाकर लोगों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर रही हैं. उनके इस सीधे संवाद और भरोसेमंद शैली को लेकर क्षेत्रवासियों में सकारात्मक प्रतिक्रिया बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि नीतू शर्मा की यह रणनीति चुनावी मैदान में उनकी साख और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगी. वार्ड 17 में उनके समर्थकों का कहना है कि नीतू शर्मा ने पांच साल के कार्यकाल में जो भी वादे किए, उसे पूरा किया और आगामी कार्यकाल में भी जनता के हित में काम जारी रहेगा.

इन्हें भी पढ़ें.