आठ माह से जर्जर पुल पर लापरवाही, कुटमू-सरईडीह मार्ग पर बड़ा हादसा टला
ग्रामीणों का जिला प्रशासन पर आरोप, नियमों के बावजूद मरम्मत नहीं, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह प्रखंड के कुटमू-सरईडीह मुख्य मार्ग स्थित कुटमू के समीप बड़का पुल पर शनिवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सरईडीह गांव से लौट रहे कार सवार जर्जर पुल पार करने के दौरान अनियंत्रित हो गए लेकिन चालक की सूझबूझ से वाहन पलटने से बच गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और कुछ समय के लिए मार्ग जाम हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पुल पिछले वर्ष 28 जून को हुई भारी बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया था। आठ माह बीतने के बावजूद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने स्थायी मरम्मत नहीं कराई। बीच-बीच में मिट्टी भरकर अस्थायी आवागमन बहाल किया गया पर हालिया बारिश में वह भी बह गया जिससे पुल और अधिक खतरनाक हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क पथ है जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन, स्कूल बसें और बाइक सवार गुजरते हैं। पुल में बढ़ती दरारें और धंसाव गंभीर खतरे का संकेत हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सड़क एवं पुलों के रख-रखाव संबंधी सरकारी नियमों के तहत क्षतिग्रस्त संरचनाओं की त्वरित मरम्मत और सुरक्षा संकेतक लगाना अनिवार्य है फिर भी अब तक चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या वैकल्पिक मार्ग की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लिखित व मौखिक सूचना दी गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अविलंब पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की है और चेतावनी दी है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी दुर्घटना की पूरी आशंका है जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।