कपाली ओपी प्रकरण में नया मोड़, पूर्व थाना प्रभारी धीरंजन कुमार के समर्थन में उतरे स्थानीय जनप्रतिनिधि
निष्पक्ष जांच से सामने आएगा सच - मेयर प्रतिनिधि फारूकी और उपाध्यक्ष सिंटू ने गिरफ्तारी की मांगों पर जताई आपत्ति

चांडिल : थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की आदिवासी युवती के साथ कथित हिंसा एवं बल प्रयोग मामले में पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी द्वारा कपाली ओपी के तत्कालीन प्रभारी धीरंजन कुमार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने के एक दिन बाद मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। मानगो नगर निगम के मेयर प्रतिनिधि शमदानी फारूकी तथा कपाली नगर परिषद के उपाध्यक्ष मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू ने पूर्व ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के पक्ष में बयान जारी कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर निलंबन की कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है लेकिन इससे किसी व्यक्ति को दोषी मान लेना उचित नहीं होगा। उनका कहना है कि धीरंजन कुमार ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए। फारूकी ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच आवश्यक है। वहीं मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने तक किसी के खिलाफ पूर्वाग्रह नहीं रखा जाना चाहिए। इधर आदिवासी समुदाय के कुछ नेता और पीड़ित युवती के परिजन दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुखर हैं। उनका कहना है कि निलंबन पर्याप्त नहीं है और मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बीच पूरा मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी की निगाहें अब अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा की जा रही जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं जिससे आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।