अनाथ युवक की सड़क हादसे में मौत, गांव ने निभाई अंतिम जिम्मेदारी
परिजन न मिले तो गांव ने दिया कंधा, सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में दी अंतिम विदाई

Ramgarh: गोला प्रखंड के डिमरा गांव के अनाथ युवक उमाशंकर उपाध्याय की 3 अप्रैल की रात सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। सिल्ली मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से उनके दोनों जांघ बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद वे पूरी रात सड़क किनारे तड़पते रहे, लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया और समय पर मदद भी नहीं मिल सकी।
अगली सुबह बरलंगा पुलिस की मदद से उन्हें आधे रास्ते तक ले जाया गया और फिर एंबुलेंस से गोला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान 4 अप्रैल की सुबह करीब 3 बजे उनका निधन हो गया।
परिवार की अनुपस्थिति में समाज और गांव ने ही उनकी अंतिम जिम्मेदारी संभाली। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राज किशन त्रिपाठी, समाजसेवी लक्ष्मण महतो और ग्रामीणों ने रिम्स जाकर कागजी प्रक्रिया पूरी की और शव की पहचान सुनिश्चित की। परिजनों पर दबाव डालने के बाद 5 अप्रैल को उनका शव गांव लाया गया।
इसके बाद गांव के लोगों ने सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में उमाशंकर को अंतिम विदाई दी। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि जिनका कोई नहीं होता, उनके लिए समाज और गांव परिवार बनकर आगे आता है। मौके पर समाजसेवी अरविंद प्रजापति, नरसिंह महतो, रविंद्र महतो, प्रवीण महतो, शरद त्रिपाठी, बबूचरण महतो और मुकेश महतो सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।