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एनएमडीसी परियोजना के खिलाफ रैयतों का बिगुल, मुआवजा और नौकरी पहले, तभी चलेगा खनन कार्य

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

तीन लाख प्रति एकड़ दर को ग्रामीणों ने बताया अपमानजनक, आंदोलन की दी चेतावनी

एनएमडीसी परियोजना के खिलाफ रैयतों का बिगुल, मुआवजा और नौकरी पहले, तभी चलेगा खनन कार्य

बड़कागांव : हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत आंगों पंचायत में संचालित एनएमडीसी टोकीसूद कोल खनन परियोजना को लेकर स्थानीय रैयतों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को बड़कीटांड़ स्कूल के समीप महुआ पेड़ के नीचे आयोजित विशेष बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि जब तक जमीन का उचित मुआवजा, स्थायी नौकरी और अन्य सुविधाएं नहीं दी जातीं तब तक खनन कार्य नहीं चलने दिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता रैयत नेता रमेश सिंह भोगता ने की, जबकि संचालन प्रीतम गंझू ने किया। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने कंपनी द्वारा गैर-मजरुआ जमीन के बदले प्रस्तावित तीन लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यह दर किसानों और रैयतों के साथ अन्याय है। रैयत नेता रमेश सिंह भोगता ने कहा कि 23 जनवरी 2026 को एनएमडीसी के एमडीओ ऋतिक कंपनी द्वारा भूमि पूजन किया गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराते हुए पहले उचित मुआवजा और रोजगार देने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने उस समय यह कहकर ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि लीज की अंतिम तिथि 30 जनवरी तक है और काम शुरू नहीं होने पर कंपनी को वापस जाना पड़ेगा। इसी भरोसे पर ग्रामीणों ने कंपनी को काम शुरू करने दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक न तो उचित मुआवजा दिया गया और न ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिला। कुछ लोगों को नौकरी देने की प्रक्रिया में भी कठोर शर्तें लगाई जा रही हैं जिससे रैयतों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि यदि कंपनी ने जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी। बैठक में गणेश गंझू, मंतोक गंझू, कुलेश्वर गंझू, बुधराम गंझू, संतोष गंझू, जितेंद्र गंझू, शमीम अहमद, मसूद मांझी, बिरसा उरांव, रितेश गंझू, जितेंद्र उरांव समेत सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद रहे।

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