ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता से बची राष्ट्रीय पक्षी मोर की जान
कुत्तों के हमले में घायल मोर का सफल रेस्क्यू, वन विभाग ने कराया उपचार

गिरिडीह : पूर्वी वन प्रमंडल गिरिडीह की टीम ने ग्रामीणों की सूझबूझ और वन विभाग की तत्परता से एक घायल मोर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसकी जान बचा ली। मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टाटोकियारी टोला बुधवाडीह का है जहां स्थानीय किसान राजेश साह ने अपने खेत में एक मोर को घायल अवस्था में देखा। इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। गुप्त सूचना मिलने के बाद गिरिडीह वन प्रक्षेत्र की टीम वन क्षेत्र पदाधिकारी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और घायल मोर को सुरक्षित कब्जे में लेकर उपचार की व्यवस्था शुरू की। प्राथमिक जांच में पता चला कि मोर पर कुत्तों ने हमला कर दिया था जिससे उसके पंख के कुछ हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए पशु चिकित्सक डॉ. धीरज कुमार से संपर्क कर घायल मोर का इलाज कराया। डॉक्टर ने मोर को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराते हुए आवश्यक देखभाल और निगरानी की सलाह दी। फिलहाल मोर की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि घायल मोर के बेहतर उपचार और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी अहम भागीदारी जरूरी है। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं कोई वन्यजीव घायल, बीमार या असहाय अवस्था में दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते उसका रेस्क्यू और उपचार किया जा सके। इस रेस्क्यू अभियान में वनपाल अमर विश्वकर्मा, प्रधान वनरक्षी वीरेंद्र कुमार तथा पशुरक्षक भुनेश्वर वर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने भी वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।