27 सितंबर से शुरू होगा पितृ महोत्सव, इस वर्ष 14 दिनों का ही होगा पितृपक्ष : पं. गोपाल मिश्रा
गयाजी में श्राद्ध के बाद भी पितृपक्ष में तर्पण करना शास्त्रसम्मत

ज्येष्ठ ही नहीं, सभी भाइयों को है पितरों के तर्पण व पिंडदान का अधिकार
मेदिनीनगर (पलामू) : सनातन परंपरा में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व कृतज्ञता प्रकट करने का महापर्व पितृपक्ष (पितृ महोत्सव) आगामी 27 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। यह 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष आश्विन माह कृष्ण पक्ष कूल 14 दिनों का ही होगा। क्योंकि इस बार नवमी तिथि की हानि (क्षय) हो रही है। उक्त बातें स्थानीय शांतिपुरी व रांची के कमड़े स्थित विंध्यवासिनी नगर निवासी प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. गोपाल मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि पितरों के आशीर्वाद से होती है कुल व यश की वृद्धि होती है।
सनातन धर्म में पितृपक्ष को पितृ महोत्सव के रूप में उल्लास व श्रद्धा के साथ मनाने का विधान है। कुल के वे सभी पूर्वज, जो अब इस भौतिक संसार में नहीं हैं, उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए पिंडदान व तर्पण किया जाता है। शास्त्र सम्मत नियमों के अनुसार पितरों को तृप्त करने से घर-परिवार में यश, कीर्ति, दीर्घायु व सुख- समृद्धि की वृद्धि होती है। वहीं पितरों की उपेक्षा करने पर पितृ दोष व अमंगल का सामना करना पड़ता है।
पं. गोपाल मिश्र ने कहा कि समाज में यह भ्रम है कि गयाजी में पिंडदान के बाद तर्पण की जरूरत नहीं होती, जो कि सर्वथा अनुचित है। गयाजी के बाद भी पितृपक्ष में मृत्यु तिथि पर या तिथि ज्ञात न होने पर सर्वपित्री अमावस्या को तर्पण करना शास्त्रसम्मत है। उन्होंने कहा कि केवल बड़े भाई (ज्येष्ठ) द्वारा ही तर्पण करने की बात भी निराधार है। कनिष्ठ अथवा परिवार के सभी भाई अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने श्राद्ध व तर्पण की संपूर्ण तिथियां का जिक्र करते हुए कहा कि प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर को, द्वितीया श्राद्ध 28 सितंबर, तृतीया श्राद्ध 29 सितंबर, चतुर्थी श्राद्ध 30 सितंबर, पंचमी श्राद्ध 01 अक्टूबर, षष्ठी व सप्तमी श्राद्ध 02 अक्टूबर, अष्टमी श्राद्ध 03 अक्टूबर, नवमी श्राद्ध 04 अक्टूबर, दशमी श्राद्ध 05 अक्टूबर, एकादशी श्राद्ध 06 अक्टूबर, द्वादशी श्राद्ध 07 अक्टूबर, त्रयोदशी श्राद्ध 08 अक्टूबर, चतुर्दशी श्राद्ध 09 अक्टूबर व सर्वपैत्री अमावस्या व पितृ विसर्जन 10 अक्टूबर को होगा। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष से संबंधित या ज्योतिष के किसी भी तरह के सूक्ष्म विचार के लिए 6299097209 मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।