चेताग की जमीन को लेकर विवाद गहराया, सीओ और जमीन कारोबारियों पर मिलीभगत का आरोप
डीसी से न्याय की गुहार
लातेहार। लातेहार जिले के बालूमाथ निवासी मो. शहजाद ने मौजा चेताग स्थित जमीन के विवाद को लेकर जिला निबंधक सह उपायुक्त लातेहार से न्याय की गुहार लगाई है।उन्होंने विवादित जमीन की बिक्री केवाला के निष्पादन पर रोक लगाने, पूरे मामले की जांच कराने और जमीन पर अपने अधिकार की रक्षा करने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि अंचल अधिकारी, बालूमाथ को भी दी गई है।मो. शहजाद के अनुसार, उन्हें और उनके चाचा अब्दुल मजीद को निबंधित केवाला के माध्यम से मौजा चेताग के खाता संख्या 214, प्लॉट संख्या 554 में कुल 9.41 एकड़ जमीन प्राप्त है। उनका आरोप है कि उक्त जमीन के एक हिस्से को लेकर अंचल कार्यालय में गलत तरीके से डिमांड कायम किया गया।उन्होंने बताया कि करीब 1.38 एकड़ जमीन के अलावा 54 डिसमिल जमीन को लेकर भी विवाद है। उनके बयान के अनुसार, संबंधित रकबे को जोड़कर कुल 1.92 एकड़ जमीन का मामला सामने आया है। हालांकि, जमीन के अलग-अलग हिस्सों और उनके स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की आधिकारिक जांच आवश्यक है।शहजाद ने आरोप लगाया कि बालूमाथ के तत्कालीन अंचल अधिकारी बालेश्वर राम के कार्यकाल में जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई।

उन्होंने बताया कि जमीन से संबंधित कार्य के लिए मोहम्मद इमरान के नाम पर अटॉर्नी पावर दिया गया था। उनके आरोप के मुताबिक, इसके बाद रुखसाना बानो के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री की गई। इस प्रक्रिया को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है।शहजाद का कहना है कि मामले को लेकर वे बालूमाथ से लातेहार पहुंचे और भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) के न्यायालय में अपील दायर की। उन्होंने अंचल अधिकारी और जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। उनका दावा है कि संबंधित मामले में न्यायालय से नोटिस जारी होने की उम्मीद है।उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विवाद की जानकारी होने के बावजूद मो. अली के पुत्र शाह शहनवाज और शाह मोहम्मद जमीन की बिक्री करने की तैयारी में हैं। शहजाद ने अंचल अधिकारी और कथित जमीन कारोबारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे उनके जमीन संबंधी अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।मो. शहजाद ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है। अब उन्हें उपायुक्त से न्याय मिलने की उम्मीद है।उन्होंने जिला निबंधक सह उपायुक्त से जमीन के दस्तावेजों, नामांतरण और रजिस्ट्री की जांच कर विवादित जमीन की बिक्री केवाला के निष्पादन पर नियमानुसार रोक लगाने तथा जमीन पर उनके अधिकार की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में संबंधित अधिकारियों और अन्य पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।