वार्ड 17 में सियासी घमासान तेज, झूठे श्रेय और सब्जबाग पर तेजस्वनी महिला संगठन का हमला
झूठे श्रेय से लेकर निजी आक्षेप तक, तेजस्वनी महिला संगठन ने प्रत्याशियों की भूमिका पर उठाए सवाल

आदित्यपुर : नगर निगम के वार्ड 17 में चुनावी सरगर्मी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में तेजस्वनी महिला संगठन ने बयान जारी कर विभिन्न प्रत्याशियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि चुनावी मुद्दों से भटकाकर मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है और बिना किए गए कार्यों का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। संगठन ने आरोप लगाया कि वार्ड में मूलभूत समस्याओं (पानी, सड़क और स्ट्रीट लाइट) पर ठोस चर्चा करने के बजाय कुछ प्रत्याशी निजी आरोपों और झूठे दावों का सहारा ले रहे हैं। संगठन के अनुसार निवर्तमान पार्षद सह प्रत्याशी नीतू शर्मा के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के खिलाफ विपक्षी प्रत्याशियों के पास ठोस मुद्दों का अभाव है इसलिए वे जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
डिप्टी मेयर पर उपेक्षा का आरोप
तेजस्वनी महिला संगठन ने निवर्तमान डिप्टी मेयर पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के पांच वर्षों में वार्ड 17 की उपेक्षा की। संगठन का दावा है कि पानी संकट से जूझ रहे क्षेत्र में वे शायद ही कभी पहुंचे हों। इतना ही नहीं संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि वार्ड के लिए स्वीकृत स्ट्रीट लाइट को प्रभाव का उपयोग कर दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कराया गया। संगठन के अनुसार जब निवर्तमान पार्षद ने इस पर आपत्ति जताई तो मामले में मेयर स्तर पर हस्तक्षेप कर समझौता कराया गया। महिला संगठन का कहना है कि यह घटना वार्ड की अनदेखी का उदाहरण है।
जयप्रकाश उद्यान सड़क मुद्दे पर श्रेय की राजनीति
वार्ड की बहुचर्चित जयप्रकाश उद्यान सड़क का मुद्दा भी संगठन के आरोपों के केंद्र में रहा। संगठन ने कहा कि जब सड़क निर्माण को लेकर आंदोलन चल रहा था और निवर्तमान पार्षद आमरण अनशन पर बैठीं थीं तब अन्य कोई भी प्रत्याशी कहीं नजर नहीं आए। अब चुनावी मौसम में वही सड़क कई प्रत्याशियों के प्रचार का प्रमुख मुद्दा बन गई है। तेजस्वनी महिला संगठन का आरोप है कि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी और एक युवा अनुभवहीन प्रत्याशी दोनों ही सड़क निर्माण का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं जबकि उनके पास अपनी भूमिका का कोई प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए उपलब्ध नहीं है। संगठन ने इसे राजनीतिक अवसरवाद करार दिया।
बिजली पोल हटाने के दावे पर सवाल
हाल ही में सड़क के बीच स्थित एक बिजली पोल को हटाए जाने की घटना पर भी संगठन ने प्रतिक्रिया दी। संगठन का कहना है कि एक युवा प्रत्याशी ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर दावा किया कि उनके प्रयास से पोल हटाया गया। महिला संगठन ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के पास ऐसे किसी अनुरोध या हस्तक्षेप का प्रमाण उपलब्ध नहीं है। संगठन के मुताबिक इस पोल को हटाने के लिए 8 दिसंबर को (आचार संहिता लागू होने से पहले) निवर्तमान पार्षद द्वारा विभाग को आवेदन दिया गया था। विभागीय देरी के कारण पोल बीच सड़क में ही ढाल दिया गया। बाद में उपायुक्त के निर्देश पर इसे हटाया गया। संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में तथ्य सामने रखे जाने चाहिए न कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक दावे किए जाएं।
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी पर पुराने कार्यकाल को लेकर सवाल
तेजस्वनी महिला संगठन ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी पर भी आरोप लगाए। संगठन का कहना है कि वे पूर्व में एक कार्यकाल पार्षद रह चुके हैं लेकिन पिछले चुनाव में जनता ने उन्हें नकार दिया था। संगठन के अनुसार वे इस बार वार्ड को स्विट्जरलैंड बनाने का वादा कर रहे हैं और वर्तमान विकास कार्यों का श्रेय स्वयं ले रहे हैं। संगठन का आरोप है कि जिन कार्यों में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही उनका भी प्रचार किया जा रहा है।
युवा प्रत्याशी पर अनुभवहीनता और जातीय समीकरण का आरोप
महिला संगठन ने एक अन्य युवा प्रत्याशी पर आरोप लगाया कि वे अनुभवहीन हैं और जातीय समीकरणों के सहारे चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि विकास कार्यों की ठोस योजना प्रस्तुत करने के बजाय वे निवर्तमान पार्षद की आलोचना पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। संगठन ने इसे चुनावी रणनीति बताते हुए कहा कि मतदाता अब जागरूक हैं और केवल नकारात्मक प्रचार से प्रभावित नहीं होंगे।
सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी पर निष्क्रियता का आरोप
पांचवें प्रत्याशी (जो सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी बताए जा रहे हैं) पर भी संगठन ने सवाल उठाए। संगठन के अनुसार वे पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और जमानत जब्त हो चुकी है। महिला संगठन का आरोप है कि सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता सीमित रही है और पेंशन, आधार या मतदाता पहचान पत्र जैसे मुद्दों पर उन्होंने कोई उल्लेखनीय पहल नहीं की।
जनता से विवेकपूर्ण मतदान की अपील
तेजस्वनी महिला संगठन ने अपने बयान में कहा कि वार्ड 17 की जनता शिक्षित और जागरूक है तथा वह भावनात्मक या भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं होगी। संगठन ने अपील की कि मतदाता विकास कार्यों के आधार पर निर्णय लें और ऐसे प्रतिनिधि का चयन करें जो हर समय उपलब्ध और जवाबदेह रहे। संगठन ने यह भी कहा कि यदि मतदाता बिना तथ्यों की जांच किए निर्णय लेते हैं तो अगले पांच वर्षों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होगी। हालांकि संगठन ने किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर समर्थन की घोषणा नहीं की लेकिन उनके बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला कि वे कार्य आधारित राजनीति को प्राथमिकता देने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि चुनावी माहौल में लगाए गए इन आरोपों से वार्ड 17 की राजनीति और भी गरमा गई है। अब देखना होगा कि मतदाता इन आरोपों को किस नजर से देखते हैं और अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाता है।