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शिक्षा जगत की समर्पित मार्गदर्शक प्रेम कौर आहूजा नहीं रहीं, सिख समाज और गुरु नानक स्कूल परिवार में शोक

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

91 वर्ष की उम्र में पूर्व प्रधानाचार्या प्रेम कौर आहूजा का निधन, रविवार को होगी अंतिम विदाई

शिक्षा जगत की समर्पित मार्गदर्शक प्रेम कौर आहूजा नहीं रहीं, सिख समाज और गुरु नानक स्कूल परिवार में शोक

जमशेदपुर : गुरु नानक उच्च विद्यालय, साकची की पूर्व प्रधानाचार्या एवं शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित और समर्पित हस्ती प्रेम कौर आहूजा का शनिवार सुबह 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही गुरु नानक स्कूल परिवार, सिख समाज, पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। प्रेम कौर आहूजा ने वर्ष 1968 में गुरु नानक उच्च विद्यालय, साकची में शिक्षिका के रूप में अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने करीब 17 वर्षों तक विद्यालय की प्रधानाचार्या के रूप में जिम्मेदारी संभाली और वर्ष 1993 तक अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व और शिक्षण शैली से कई पीढ़ियों के विद्यार्थी लाभान्वित हुए। वे अपने पीछे पुत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट गुरविंदर सिंह आहूजा, पुत्री किरणजीत कौर सलूजा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके पुत्र गुरविंदर सिंह ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे नीलडीह एनक्लेव, बिरसानगर स्थित आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद पार्वती बर्निंग घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए 1 सितंबर, मंगलवार को अखंड पाठ रखा जाएगा जिसका भोग अगले दिन बुधवार को डाला जाएगा। इसके पश्चात टेल्को गुरुद्वारा में कीर्तन एवं अंतिम अरदास का आयोजन किया जाएगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेम कौर आहूजा ने अपने अनुभव, समर्पण और कुशल नेतृत्व से विद्यालय एवं शिक्षा जगत को उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं महासचिव परमजीत सिंह काले ने कहा कि उन्हें स्वयं प्रेम कौर आहूजा के कार्यकाल में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि प्रेम कौर आहूजा एक कुशल प्रशासक होने के साथ विद्यार्थियों के प्रति अभिभावक जैसा स्नेह रखने वाली शिक्षिका थीं। उनके निधन पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के ट्रस्टी एवं पदाधिकारियों सहित सिख स्त्री सत्संग सभा, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था, सिख नौजवान सभा और समाज के अनेक लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। सभी ने दिवंगत शिक्षाविद् की आत्मा की शांति के लिए अरदास करते हुए इसे शिक्षा और समाज जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

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