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जमशेदपुर में जमशेदजी टाटा जयंती की तैयारियां पूरी

रिपोर्ट: VBN News Desk10 घंटे पहलेझारखण्ड

जमशेदपुर की सड़कों पर चमकीले लाइटों और भव्य सजावट के साथ टाटा जयंती का माहौल

जमशेदपुर में जमशेदजी टाटा जयंती की तैयारियां पूरी

जमशेदपुर : झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में टाटा समूह के संस्थापक Jamshedji Nusserwanji Tata की जयंती को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। हर वर्ष 3 मार्च को मनाया जाने वाला संस्थापक दिवस पूरे शहर में भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

जुबली पार्क में विशेष रोशनी और सजावट

साकची स्थित जुबली पार्क को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाता है। पूरे शहर में रोशनी की ऐसी छटा बिखरती है कि जमशेदपुर मानो प्रकाश से नहा उठता है। इस आयोजन की तैयारी लगभग 10-15 दिन पहले से शुरू कर दी जाती है, जिसमें शहर के पार्कों और प्रमुख स्थलों को विशेष रूप से सजाया-संवारा जाता है।

टाटा समूह का औद्योगिक योगदान

भारतीय उद्योग जगत में भरोसे, गुणवत्ता और सामाजिक उत्तरदायित्व की चर्चा में टाटा समूह का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लगभग 118 वर्षों से यह समूह इस्पात, मोटर वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी, चाय, नमक और आतिथ्य सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आज टाटा समूह 150 से अधिक देशों में कारोबार कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

जमशेदजी टाटा और इस्पात उद्योग की नींव

जमशेदजी टाटा ने वर्ष 1907 में भारत में आधुनिक इस्पात उद्योग की नींव रखी। सीमित संसाधन और लगभग 21 हजार रुपये की प्रारंभिक पूंजी से शुरू हुई यह यात्रा आगे चलकर वैश्विक पहचान बन गई। उनका उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं था, बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार सृजित करना था।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन

जमशेदजी टाटा का जन्म 3 मार्च 1839 को गुजरात के नवसारी में एक पारसी परिवार में हुआ। उनके पिता नसरवानजी टाटा पारसी पुजारी वर्ग से जुड़े थे। प्रारंभ में परिवार का उपनाम ‘दस्तूर’ था, जो समय के साथ ‘टाटा’ के रूप में प्रचलित हुआ और विश्वविख्यात पहचान बन गई।

जमशेदपुर: एक आदर्श औद्योगिक नगर

जमशेदपुर शहर का निर्माण जमशेदजी टाटा के दूरदर्शी दृष्टिकोण का परिणाम है। टाटा स्टील ने न केवल इस्पात उत्पादन में भारत को मजबूती दी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

**संस्थापक दिवस पर नागरिकों की भागीदारी ** हर वर्ष संस्थापक दिवस पर हजारों लोग शहर की भव्य सजावट और रोशनी का आनंद लेने पहुंचते हैं। जमशेदपुर को प्रकृति प्रेमी जमशेदजी टाटा ने हरियाली और सुव्यवस्थित विकास के साथ बसाने की योजना दी थी, जिसके कारण यह शहर आज देश के सबसे स्वच्छ और व्यवस्थित औद्योगिक नगरों में गिना जाता है।

टाटा नाम: विश्वास और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक

आज ‘टाटा’ नाम केवल एक औद्योगिक समूह नहीं, बल्कि विश्वास, गुणवत्ता और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक बन चुका है। ‘दस्तूर’ परिवार से शुरू होकर ‘टाटा’ नाम तक पहुंची यह यात्रा संघर्ष, दूरदर्शिता और समर्पण की प्रेरणादायक गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

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