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वनों को भाई-बहन की तरह स्नेह देकर करें उनकी रक्षा : डा कौशल किशोर जायसवाल

रिपोर्ट: Shailendra Tiwary5 घंटे पहलेझारखण्ड

वन राखी मूवमेंट के स्वर्ण जयंती पर सरगुजा में पौधों का वितरण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

वनों को भाई-बहन की तरह स्नेह देकर करें उनकी रक्षा : डा कौशल किशोर जायसवाल

मेदिनीनगर (पलामू) : वन राखी मूवमेंट के स्वर्ण जयंती पर देश-विदेश में चल रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत वन राखी मुवमेंट के प्रणेता व पर्यावरणविद विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर, गुतुरमा व मैनपाट क्षेत्र में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने कैंप नंबर-2 व कैंप नंबर-3 स्थित बौद्ध मंदिरों में भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पौधा अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बौद्ध भिक्षुओं व स्थानीय लोगों के बीच पौधों का वितरण किया ।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु का अवतार भगवान बुद्ध के जन्म स्थल लुंबनी व ज्ञान स्थल बोध गया है। ज्ञान का प्रचार स्थल का प्रारंभ सारनाथ व समाधि कुशीनगर यूपी में पौधारोपण व वनरखी मूवमेंट का अभियान लोगों को शामिल किया है।

महामाया मंदिर में पूजा अर्चना कर कहा कि इस मंदिर में चंपा व पारिजात कपूर का पौधा 10 वर्ष पूर्व में लगाए गए थे। ऊपर सूर्य देव व नीचे वृक्ष के बिना किसी भी जीव की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से वनों को भाई-बहन का स्नेह देकर उनकी रक्षा करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति का अंधाधुंध दोहन करने वाले अंततः स्वयं ही संकट में पड़ जाएंगे।

उन्होंने तिब्बत के 11वें पंचेन लामा का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी देश को किसी धर्मगुरु की स्वतंत्रता का हनन करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पंचेन लामा और उनके माता-पिता के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे तिब्बती समुदाय की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। कार्यक्रम में तिब्बती धर्मगुरु, मंदिर के पुजारी, तासी सदोलमा, कलसनमवमु, टीसी बागुन, तेनजिन दोरजी, कातायाना टीसोरी, सुनील, भोला प्रसाद गुप्ता, शिवनारायण पंडित, दिनेश प्रसाद गुप्ता, दीपू प्रसाद जायसवाल, लखन प्रसाद सोनी, गुप्तेश्वर सिंह, सुजीत सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।

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