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बरवाडीह में पीडीएस चावल की गुणवत्ता पर सवाल, कीड़े लगे और बदबूदार चावल मिलने से लाभुक नाराज

रिपोर्ट: अकरम 1 घंटे पहलेझारखण्ड

ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग, गोदाम से लेकर राशन दुकानों तक गुणवत्ता जांच की जरूरत

बरवाडीह में पीडीएस चावल की गुणवत्ता पर सवाल, कीड़े लगे और बदबूदार चावल मिलने से लाभुक नाराज

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले राशन चावल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र के कई जनवितरण प्रणाली दुकानों पर लाभुकों को खराब और कीड़े लगे चावल मिलने की शिकायत सामने आई है जिससे राशन कार्डधारियों में नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के गोदाम से आपूर्ति विभाग के माध्यम से प्रखंड के कई राशन डीलरों को जो चावल उपलब्ध कराया गया है उसकी गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है। लाभुकों का कहना है कि चावल में कीड़े लगे हुए हैं और उसमें बदबू भी आ रही है जिसके कारण कई लोग उसे लेने से भी परहेज कर रहे हैं। राशन दुकानदारों का भी कहना है कि इस बार जो चावल गोदाम से मिला है उसकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। कुछ डीलरों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वे खुद भी लाभुकों को ऐसा चावल देने में असहज महसूस कर रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि गोदाम से जो अनाज उपलब्ध कराया जाता है उसी का वितरण करना उनकी मजबूरी है। इधर खराब चावल मिलने से लाभुकों और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना चलाती है लेकिन यदि वितरण के दौरान ही अनाज खराब अवस्था में पहुंचे तो योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गोदाम से लेकर राशन दुकानों तक अनाज की गुणवत्ता की जांच की जानी चाहिए और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पीडीएस से जुड़े प्रमुख नियम

सरकार द्वारा संचालित पीडीएस व्यवस्था के तहत लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति निर्धारित दर पर चावल या गेहूं उपलब्ध कराया जाता है। नियमों के अनुसार राशन डीलरों को लाभुकों को साफ-सुथरा और मानक गुणवत्ता वाला अनाज उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि खराब या अनुपयोगी अनाज का वितरण किया जाता है तो संबंधित अधिकारी और डीलर के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि गरीबों को सही और खाने योग्य राशन उपलब्ध कराया जा सके।

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