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बिना सूचना बोर्ड उठ रहा एफसीआई गोदाम से राशन, जन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्ट: Amit Sahay6 घंटे पहलेझारखण्ड

20 सूत्री अध्यक्ष ने जताई कालाबाजारी की आशंका, खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर निष्पक्ष जांच की मांग

बिना सूचना बोर्ड उठ रहा एफसीआई गोदाम से राशन, जन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल

गिरिडीह : जिले के गांवा प्रखंड स्थित एफसीआई गोदाम से राशन उठाव में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। गुरुवार को गोदाम से दर्जनों ट्रैक्टरों के माध्यम से जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) का खाद्यान्न उठाव किया गया लेकिन अधिकांश वाहनों पर आवश्यक सूचना बोर्ड नहीं लगे होने से पूरे वितरण तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष अजय सिंह ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। अजय सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अधिकांश ट्रैक्टरों पर केवल झारखंड राज्य खाद्य निगम, प्रखंड गांवा लिखा हुआ था। किसी भी वाहन पर संबंधित जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर का नाम, लाइसेंस संख्या, मोबाइल नंबर अथवा गंतव्य की जानकारी अंकित नहीं थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब चार बजे जामडार के समीप उन्होंने स्वयं ऐसे वाहनों की तस्वीरें भी लीं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्यान्न परिवहन में निर्धारित नियमों की अनदेखी की जा रही है। इससे यह आशंका उत्पन्न होती है कि राशन वास्तविक लाभुकों तक पहुंचने के बजाय बीच रास्ते में कालाबाजारी की भेंट चढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सूचना बोर्ड नहीं होने से यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि खाद्यान्न किस डीलर के लिए भेजा जा रहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। वहीं झारखंड राज्य खाद्य निगम एवं खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार खाद्यान्न परिवहन करने वाले वाहनों पर संबंधित डीलर, गंतव्य, वाहन विवरण एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित करना आवश्यक माना गया है ताकि वितरण प्रक्रिया की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी इस मुद्दे को उठाते हुए सूचना बोर्ड लगाने की मांग की थी लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में गांवा एजीएम नियाजउद्दीन अंसारी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका क्योंकि उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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