तिसरी में सड़क कंपनी के स्टाफ का अपहरण, 28 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं
परिजनों ने कंपनी पर लगाया धमकी का आरोप

गिरिडीह (तिसरी) : गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंक पंचायत के कर्णपुरा-बाघमारा मोड़ के पास से सड़क निर्माण कंपनी के स्टाफ के अपहरण के 28 घंटे बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। लापता युवक की पहचान मंजेश कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला है और एचएन कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत था। वह तिसरी के सिदो-कान्हू चौक से लोकायनयनपुर तक बन रही PWD सड़क के निर्माण कार्य की देख-रेख कर रहा था।
जानकारी के अनुसार रविवार को मंजेश अपने दो साथियों - जेसीबी चालक और ग्रेडर ऑपरेटर के साथ बाइक से साइट पर जा रहा था। बाघमारा मोड़ के पास अज्ञात बाइक सवारों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ता देख दोनों साथी मौके से भाग गए, जबकि अपहरणकर्ता मंजेश को जबरन बाइक पर बिठाकर ले गए और उसकी बाइक मौके पर छोड़ दी। सूचना पर परिजन लखीसराय से तिसरी पहुंचे। भाई ने थाने में आवेदन देकर कंपनी के प्रोपराइटर हरेराम चौधरी उर्फ मास्टर साहब, प्रोजेक्ट मैनेजर और उपेंद्र चौरसिया पर वेतन विवाद को लेकर पहले से धमकी देने का आरोप लगाया है। साथ रहे दोनों कर्मियों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। पुलिस ने जेसीबी चालक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
खटपोक में अपराध की हैट्रिक
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण में लेवी मांगने पर एक आरोपी जेल भेजा गया था, वहीं राशन डीलर अशोक वर्णवाल के पुत्र के अपहरण को पुलिस ने बिहार से बरामद किया था। लगातार घटनाओं से ठेकेदारों में दहशत है। इधर घटना स्थल पर पूर्व विधायक राजकुमार यादव पहुंचे और 48 घंटे में बरामदगी नहीं होने पर भाकपा-माले द्वारा आंदोलन की चेतावनी दी। खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी शंभू नंद ईश्वर मामले की जांच में जुटे हैं।