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बरवाडीह रेलवे कॉलोनी की सड़कें बदहाल, रेलकर्मियों ने जल्द मरम्मत की उठाई मांग

रिपोर्ट: अकरम 6 घंटे पहलेझारखण्ड

मुख्य सड़क को छोड़ अधिकांश कॉलोनी की सड़कें जर्जर, टूटी नालियां और झाड़ियों से आवागमन हुआ मुश्किल, डीआरएम ने निविदा पर स्पष्ट जवाब देने से किया परहेज

बरवाडीह रेलवे कॉलोनी की सड़कें बदहाल, रेलकर्मियों ने जल्द मरम्मत की उठाई मांग

बरवाडीह (लातेहार)। बरवाडीह रेलवे कॉलोनी की बदहाल सड़कें और जर्जर नालियां रेलकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई हैं. मुख्य सड़क को छोड़कर कॉलोनी के अधिकांश आंतरिक मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. जगह-जगह सड़क टूट जाने, नालियों के ऊपर लगे स्लैब ध्वस्त होने तथा दोनों ओर उगी घनी झाड़ियों के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है. लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण रेलकर्मियों में रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. रेलकर्मियों ने बताया कि कॉलोनी की अधिकांश सड़कों की स्थिति वर्षों से खराब बनी हुई है. कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जबकि नालियों के ऊपर लगे सीमेंट स्लैब टूटकर बिखर गए हैं. इससे कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क और नाली का अंतर समझ पाना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों किनारों पर झाड़ियां इस कदर फैल चुकी हैं कि करीब आठ फीट चौड़ी सड़क अब महज तीन फीट तक सिमट गई है. इससे दोपहिया वाहन निकालने में भी काफी परेशानी होती है. शाम के समय झाड़ियों के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का भी खतरा बना रहता है, जिससे लोगों में भय का माहौल है. रेलकर्मियों ने बताया कि वर्षों से नालियों की भी सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई है. कई स्थानों पर नालियां टूट चुकी हैं, जिसके कारण गंदा पानी लगातार सड़क पर बहता रहता है. इससे दुर्गंध फैलने के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. कॉलोनी में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इससे सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि गंदगी और जलजमाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. रेलकर्मियों ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से अविलंब सड़क और नालियों की मरम्मत कराने, झाड़ियों की सफाई कराने तथा कॉलोनी की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है. उनका कहना है कि रेलवे कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्र की ऐसी बदहाल स्थिति विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है.

डीआरएम ने नहीं दी स्पष्ट जानकारी, निविदा को लेकर बना हुआ है सस्पेंस

गौरतलब है कि 3 जुलाई को धनबाद मंडल के डीआरएम अखिलेश मिश्रा बरवाडीह दौरे पर आए थे. इस दौरान जब उनसे रेलवे कॉलोनी की जर्जर सड़कों की मरम्मत को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की निविदा जारी कर दी गई है, लेकिन कुछ कारणों से संवेदक कार्य शुरू नहीं कर पा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि उस कारण की जानकारी आप सबको भी है, लेकिन जब उनसे स्पष्ट रूप से कारण बताने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. डीआरएम के इस बयान के बाद निविदा और कार्य प्रारंभ होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर संवेदक किस वजह से काम शुरू नहीं कर रहा है, इसकी जानकारी न तो रेलकर्मियों को है और न ही आम लोगों को. ऐसे में रेलवे प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. रेलकर्मियों का कहना है कि यदि निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके.

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