बहरागोड़ा की बदहाल तस्वीर: बहोलिया गांव जलमग्न, बाबा नगरी चित्रेश्वर जाने वाली मुख्य सड़क बनी तालाब, आखिर कब जागेगा प्रशासन ?
यह मार्ग प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और छोटे-बड़े वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है।

बहरागोड़ा:- एक ओर सरकार ग्रामीण विकास और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र की बहोलिया पंचायत अंतर्गत बहोलिया (बी) गांव की तस्वीर उन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। गांव में चारों ओर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। सड़कें पानी में डूबी हैं और लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि बहरागोड़ा से प्रसिद्ध बाबा नगरी चित्रेश्वर धाम को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भी लंबे समय से पानी जमा है।
यह मार्ग प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और छोटे-बड़े वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। सड़क पर भरे पानी के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से परेशान हैं, जबकि पैदल चलने वालों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश के बाद यही स्थिति पैदा हो जाती है। समस्या नई नहीं है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाया गया, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी और सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार जलजमाव से सड़क को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर लोगों को इस समस्या से कब राहत मिलेगी? क्या प्रशासन इस ओर तत्काल कदम उठाएगा, या फिर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को इसी तरह जलजमाव से जूझते हुए सफर करना पड़ेगा? फिलहाल बहोलिया गांव और चित्रेश्वर धाम जाने वाली मुख्य सड़क की यह बदहाल तस्वीर क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब जलनिकासी की व्यवस्था करने और सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।