चैनपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: रामपुर पुल के पास दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
साप्ताहिक बाजार से लौट रहे फुलवार टोली निवासी सामुवेल खलखो की गई जान; अस्पताल में एंबुलेंस नहीं मिलने पर जिप सदस्य मेरी लकड़ा ने जताई गहरी नाराजगी

साप्ताहिक बाजार से लौट रहे फुलवार टोली निवासी सामुवेल खलखो की गई जान; अस्पताल में एंबुलेंस नहीं मिलने पर जिप सदस्य मेरी लकड़ा ने जताई गहरी नाराजगी
चैनपुर-: चैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर पुल के पास गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मर्मस्पर्शी घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और साप्ताहिक बाजार का दिन होने के कारण तुरंत बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार फुलवार टोली गांव निवासी 50 वर्षीय सामुवेल खलखो गुरुवार को चैनपुर साप्ताहिक बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार फुलवार टोली के ही दो युवक सचिन तिर्की (20 वर्ष) और प्रेम प्रकाश तिर्की (23 वर्ष) तेज रफ्तार में थे और रामपुर पुल के पास दोनों बाइकों में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर गिरकर बुरी तरह लहूलुहान हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस पर कॉल किया लेकिन एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और प्रखंड उप प्रमुख प्रमोद खलखो मौके पर पहुंचे और अपने सहयोग से ऑटो की व्यवस्था कर तीनों घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर तुषाद ने घंटों कड़ा प्रयास किया परंतु गंभीर रूप से घायल सामुवेल खलखो को बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल हुए सचिन तिर्की और प्रेम प्रकाश तिर्की की स्थिति को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों घायल युवक नशे की हालत में बताए जा रहे हैं। अस्पताल में एंबुलेंस की लचर व्यवस्था पर फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा इस दुर्घटना के बाद चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। अस्पताल में एक भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण गुमला से एंबुलेंस मंगवानी पड़ी। आलम यह रहा कि एक घंटे से अधिक का लंबा इंतजार करने के बावजूद समाचार लिखे जाने तक एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंच पाई थी। इस गंभीर लापरवाही पर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और प्रमुख प्रमोद खलखो ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि चैनपुर जैसे बड़े ब्लॉक में आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोग अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन यहां कभी भी एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलती है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस की लचर व्यवस्था बनाए रखना बेहद दुखद और निंदनीय है, और पूर्व में भी एंबुलेंस न मिलने के कारण कई मरीजों की जान जा चुकी है। उधर घटना की सूचना मिलते ही मृतक सामुवेल खलखो के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर चैनपुर क्षेत्र में यातायात सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।