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सावन पूर्णिमा 28 को 9.19 तक, बावजूद रक्षाबंधन संपूर्ण दिन रहेगा शुभ : पं. गोपाल मिश्रा

रिपोर्ट: Shailendra Tiwary3 घंटे पहलेझारखण्ड

श्री कृष्ण के लिए भी अपशब्द कह कर ललकारा। शिशुपाल का 101वीं गलती थी।

सावन पूर्णिमा 28 को 9.19 तक, बावजूद रक्षाबंधन संपूर्ण दिन  रहेगा शुभ : पं. गोपाल मिश्रा

मेदिनीनगर (पलामू) : रक्षाबंधन का त्योहार इस वर्ष 28 अगस्त को होगा। 28 अगस्त को पूर्णिमा सुबह 9.19 बजे तक रहेगा। लेकिन रक्षाबंधन का त्यौहार संपूर्ण दिन शुभ रहेगा। इस वर्ष का रक्षाबंधन बहुत वर्षों के बाद वगैर भद्रा का शुभ संयोग हो रहा है। ऐसे में संपूर्ण दिन बहन अपने भाईयों की कलाई पर सुविधा अनुसार संपूर्ण दिन रक्षासूत्र बांध सकती हैं। उक्त बातें स्थानीय शांतिपुरी के रोड नंबर 10 व रांची के काठीटांड स्थित विंध्यवासिनी नगर निवासी ज्योतिषविद् पंडित गोपाल मिश्रा ने कही।

पंडित गोपाल मिश्रा ने कहा कि व्रत आदि के लिए पूर्णिमा 27 अगस्त को एवं स्नान आदि की पूर्णिमा 28 अगस्त को होगा। उन्होंने रक्षाबंधन को भाई बहनों का एक पवित्र त्योहार बताया। एक सवाल के जवाब में पंडित मिश्रा ने बताया कि अनावश्यक रूप से भ्रामक व दुष्प्रचार के लिए फेसबुक व यूट्यूब में अनावश्यक भ्रांति फैलाई जा रही है, जो गलत बात है। इससे लोगों को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से संबंधित पौराणिक कथा का जिक्र करते हुए कहा कि महाभारत के अनुसार भगवान श्री कृष्ण की चाची श्रुतिरूति का पुत्र शिशुपाल हुआ। वह जन्म से रूग्ण था अर्थात सदैव बीमार रहता था। एक दिन नारद जी ने श्रुतिरूति के यहां पहुंचकर कुशल क्षेम पूछा। तो श्रुतिरूति अपने पुत्र शिशुपाल की बीमारी का उपाय पूछी।

नारद जी ने बताया कि शीघ्र ही उनके घर कोई दिव्य पुरुष आएंगे। उनके स्पर्श से शिशुपाल रोगमुक्त होकर अपना राजपाट संभालेगा। लेकिन उसकी मृत्यु भी उसी के हाथों होगा। कुछ समय बाद भगवान श्री कृष्णा अपनी चाची श्रुतिरूति के यहां पधारे। शिशुपाल को लाड-प्यार किया। इससे शिशुपाल पूर्णरूपेण स्वस्थ हो गया। नारद जी की बात याद करके श्रुतिरूति अपने पुत्र की गलतियां क्षमा करने का श्री कृष्ण से वचन मांग लिया। भगवान श्री कृष्ण शिशुपाल की 100 गलतियां मांफ़ करने का वचन दे दिया। बड़ा होकर शिशुपाल एक क्रूर राजा बना।

श्री कृष्ण को भी अपवचन कहने से नहीं चुका। अपने अहंकार के मद में शिशुपाल भरी सभा में अपने क्रुरता को उत्तम बताया। श्री कृष्ण के लिए भी अपशब्द कह कर ललकारा। शिशुपाल का 101वीं गलती थी। इसलिए भगवान श्री कृष्णा ने अपने चक्र सुदर्शन को शिशुपाल का वध का आदेश दे दिया। उस क्रम में भगवान श्री कृष्ण की उंगली चोटिल हो गया। सुभद्रा की दृष्टि श्री कृष्ण की उंगली पर पड़ी। तत्क्षण अपनी साड़ी फाड़ कर श्री कृष्ण की उंगली पर बांध दी। उस दिन श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि थी। उस समय से रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है।

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