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नीमडीह में उत्पाद विभाग की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, ध्वस्त शराब भट्टी फिर मिली चालू हालत में

रिपोर्ट: MANISH 1 दिन पहलेझारखण्ड

जावा महुआ जब्त कर खत्म हुई कार्रवाई या मिलीभगत का खेल? पुड़ियारा में फिर दिखा अवैध शराब का पूरा सेटअप

नीमडीह में उत्पाद विभाग की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, ध्वस्त शराब भट्टी फिर मिली चालू हालत में

सरायकेला-खरसावां : जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पुड़ियारा गांव में अवैध शराब के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। विभाग द्वारा जिस अवैध शराब भट्टी को ध्वस्त करने का दावा किया गया था, उसी स्थान से दो दिन बाद फिर शराब निर्माण से जुड़े उपकरण और ढांचा मिलने से इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग अब उत्पाद अवर निरीक्षकों की कार्यशैली और कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार को उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर पुड़ियारा गांव में छापेमारी कर करीब 300 किलो जावा महुआ जब्त करने और अवैध शराब भट्टी ध्वस्त करने का दावा किया था। विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसे बड़ी कार्रवाई बताया था। विभिन्न अखबारों और न्यूज पोर्टलों में भी यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। विभाग की ओर से कहा गया था कि अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन गुरुवार को घटनास्थल से सामने आई नई तस्वीरों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया। तस्वीरों में शराब निर्माण में उपयोग होने वाले बड़े ड्रम, मिट्टी का चूल्हा, तिरपाल से बना अस्थायी ढांचा और अन्य उपकरण मौके पर साफ दिखाई दे रहे हैं। इससे यह सवाल उठने लगा है कि यदि भट्टी वास्तव में ध्वस्त की गई थी तो पूरा सेटअप दोबारा इतनी जल्दी कैसे खड़ा हो गया या फिर कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार छापेमारी के बाद कुछ समय के लिए गतिविधियां बंद होती हैं लेकिन बाद में फिर से अवैध शराब निर्माण शुरू हो जाता है। नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यदि उत्पाद विभाग पूरी गंभीरता और ईमानदारी से कार्रवाई करे तो अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लग सकती है। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं कार्रवाई केवल जावा महुआ नष्ट कर कागजी खानापूर्ति तक सीमित तो नहीं रही। यदि पूरा ढांचा तोड़ा गया था तो घटनास्थल पर अब भी उपकरण और निर्माण सामग्री क्यों मौजूद हैं? इस पूरे मामले में उत्पाद अवर निरीक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो यह धंधा लगातार फैलता जाएगा। फिलहाल विभाग की ओर से सामने आई तस्वीरों और आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है जिससे संदेह और गहरा गया है।

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