श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री हनुमान जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न
महाआरती के समय पूरा मंदिर परिसर “बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय” के जयघोष से गूंज उठा।

Ranchi: रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में संत शिरोमणि परमहंस स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा श्री हनुमान जयंती का पावन पर्व हर्षोल्लास एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर पूर्णतः आध्यात्मिक वातावरण में डूबा रहा, जहां श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर श्री राधा रानी का अलौकिक एवं आकर्षक श्रृंगार नवीन पीले पोशाक एवं जड़ित आभूषणों से किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
मंदिर को हनुमान जी के ध्वजों से सुसज्जित किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं उत्सवमय बन गया।पूजा-अर्चना का कार्यक्रम मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। उन्होंने श्रद्धालुओं को हनुमान जी की महिमा एवं उनके जीवन आदर्शों से अवगत कराया। इस दौरान प्रसाद के रूप में बेसन के लड्डू, केसरिया पेड़ा, मेवा, फल एवं वेजिटेबल खिचड़ी का भोग भगवान को अर्पित किया गया। तत्पश्चात सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे सभी ने भक्ति भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान पंडित अरविंद पांडे द्वारा सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सुमधुर भजनों के साथ पाठ किया गया। भजनों की मधुर धुनों से वातावरण पूरी तरह से भक्तिरस में सराबोर हो गया। श्रद्धालु जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर तथा संकट मोचन नाम तिहारो, जो सुमिरे सो कष्ट निवारो जैसे भजनों पर भावविभोर होकर झूमते नजर आए।इसके उपरांत सामूहिक रूप से भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर हनुमान जी की आराधना की। महाआरती के समय पूरा मंदिर परिसर “बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने श्री हनुमान जन्मोत्सव के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हनुमान जी सेवा, समर्पण और भक्ति के सर्वोच्च प्रतीक हैं।
उनके जीवन से हमें निःस्वार्थ सेवा, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का कार्य करते हैं।समग्र रूप से यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण रहा, जिसने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।