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एसपी डॉ. बिमल कुमार की रणनीति लाई रंग, 15 मामलों की वांछित महिला नक्सली अनिता किस्कू ने किया आत्मसमर्पण

रिपोर्ट: Amit Sahay2 दिन पहलेझारखण्ड

गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता, एसपी बोले- कार्रवाई के साथ पुनर्वास भी हमारी प्राथमिकता

एसपी डॉ. बिमल कुमार की रणनीति लाई रंग, 15 मामलों की वांछित महिला नक्सली अनिता किस्कू ने किया आत्मसमर्पण

गिरिडीह : नक्सल उन्मूलन अभियान में गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भाकपा-माओवादी संगठन की एरिया कमेटी सदस्य एवं 15 मामलों में वांछित महिला नक्सली अनिता किस्कू उर्फ बबिता ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इस उपलब्धि को गिरिडीह पुलिस की प्रभावी रणनीति और लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अनिता किस्कू के विरुद्ध झारखंड के विभिन्न थानों में यूएपीए, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा सीएलए एक्ट सहित कुल 15 गंभीर मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की लगातार कार्रवाई, संगठन के भीतर शोषण तथा उसके पति अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी के बाद अनिता का नक्सली संगठन से मोहभंग हुआ और उसने हिंसा छोड़ने का निर्णय लिया। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि झारखंड सरकार की नई दिशा-एक नई पहल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अनिता किस्कू को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध करा दी गई है जबकि शेष राशि नियमानुसार दी जाएगी। इसके अलावा आवास, सुरक्षा, भोजन तथा न्यायालय में लंबित मामलों के लिए भी सरकारी सहायता उपलब्ध होगी। आत्मसमर्पण के बाद अनिता किस्कू ने नक्सलवाद को गलत रास्ता बताते हुए जंगलों में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि गिरिडीह पुलिस का लक्ष्य केवल नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं बल्कि उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस आत्मसमर्पण से नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलेगी तथा अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी हिंसा छोड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

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