40 साल तक बस स्टैंड पर पसीना बहाया, आज संभालेंगे शहर की सरकार; प्रेमचंद साव के नाम रही जीत
कांटे की टक्कर में वेदवती जायसवाल को दी शिकस्त; शपथ ग्रहण के बाद उपाध्यक्ष पद पर कब्जा

By Prajwall Kumar Mishra चतरा: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और जनता का साथ हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। चतरा नगर परिषद के उपाध्यक्ष चुनाव के नतीजों ने इस बात पर मुहर लगा दी है। करीब 40 वर्षों तक बस एजेंट के रूप में आम जनता की सेवा करने वाले प्रेमचंद साव अब चतरा शहर के नए नगर उपाध्यक्ष चुने गए हैं। संघर्ष से सफलता तक की यह कहानी चतरा के हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो जमीन से जुड़कर राजनीति करना चाहता है।
नगर परिषद कार्यालय में आज गहमागहमी के बीच उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ। वार्ड संख्या 18 के पार्षद प्रेमचंद साव और वार्ड संख्या 11 की पार्षद वेदवती जायसवाल के बीच सीधा मुकाबला था। मतदान के बाद जब गिनती शुरू हुई, तो प्रेमचंद साव के पक्ष में 13 वोट पड़े। वहीं वेदवती जायसवाल को कुल 9 वोट प्राप्त हुए थे, लेकिन तकनीकी कारणों से एक वोट रद्द होने के कारण उनके खाते में मात्र 8 वोट ही दर्ज किए गए। बहुमत के साथ प्रेमचंद साव को विजयी घोषित किया गया। चुनावी प्रक्रिया से पहले एक भव्य समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष अताउर रहमान उर्फ बाबू भाई और सभी 22 वार्ड पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रेमचंद साव की पहचान चतरा में एक कर्मठ और सादगी पसंद इंसान की रही है।
वे लगातार तीसरी बार वार्ड पार्षद निर्वाचित हुए हैं। बस एजेंट के तौर पर काम करते हुए उन्होंने जो जनसंपर्क बनाया, वही आज उनकी जीत का आधार बना। समर्थकों का कहना है कि उनकी सक्रियता और सादगी ने ही उन्हें आज इस शीर्ष मुकाम पर पहुँचाया है। उनकी जीत की खबर मिलते ही बस स्टैंड से लेकर नगर परिषद तक जश्न का माहौल है। चतरा को अब एक अनुभवी और जमीनी नेतृत्व मिला है। देखना होगा कि अध्यक्ष अताउर रहमान और उपाध्यक्ष प्रेमचंद साव की यह नई जोड़ी चतरा के विकास को कितनी नई ऊंचाइयां देती है।