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धोवारी जंगल में मादा हाथी की संदिग्ध मौत से सनसनी, कई दिनों बाद मिला शव

रिपोर्ट: VBN News Desk5 घंटे पहलेझारखण्ड

पलाश के पेड़ों की जड़ों में फंसा मिला हाथी का सिर और सूंड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

धोवारी जंगल में मादा हाथी की संदिग्ध मौत से सनसनी, कई दिनों बाद मिला शव

गिरिडीह : जिले के सरिया थाना क्षेत्र स्थित धोवारी जंगल में गुरुवार को एक जंगली मादा हाथी का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल में हाथी की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल की ओर उमड़ पड़ी। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। जानकारी के अनुसार पावापुर-धोवारी सड़क से सटे जंगल क्षेत्र में गुरुवार को ग्रामीणों को तेज दुर्गंध महसूस हुई। दुर्गंध का स्रोत जानने के लिए जब कुछ ग्रामीण जंगल की ओर गए तो वहां एक जंगली हाथी का शव पड़ा मिला। इसके बाद पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा शुरू हो गई और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के दौरान पाया कि जिस स्थान पर हाथी का शव पड़ा है वहां दोनों ओर गहरी खाई जैसी स्थिति बनी हुई है। वहीं हाथी का सिर और सूंड पलाश के पेड़ों की जड़ों के बीच फंसा हुआ दिखाई दिया। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि जंगल के कठिन भूभाग में फंसने या संतुलन बिगड़ने के कारण हाथी की मौत हुई होगी। पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर अनूप कुमार ने बताया कि हाथी की मौत संभवतः चार से पांच दिन पहले हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि शव से तेज दुर्गंध आ रही थी तथा हाथी की सूंड और आंखों में सड़न की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत कई दिन पूर्व हुई होगी। डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि हाथी का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और समय का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। वहीं वन विभाग की टीम पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस जंगल क्षेत्र में अक्सर जंगली हाथियों की आवाजाही होती रहती है। कई बार हाथियों के झुंड गांवों के आसपास भी पहुंच जाते हैं जिससे लोगों में भय बना रहता है। हालांकि इस तरह जंगल में हाथी का मृत मिलना इलाके के लिए चिंता का विषय बन गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र में किसी भी वन्यजीव की संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तत्काल विभाग को दें ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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