चीनी निर्यात पर केंद्र की बड़ी रोक, घरेलू बाजार में कीमत नियंत्रित करने की तैयारी
सितंबर तक कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध, डीजीएफटी ने जारी की अधिसूचना

नई दिल्ली : देश में बढ़ती कीमतों और संभावित आपूर्ति संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा 13 मई की देर रात जारी अधिसूचना में बताया गया कि आईटीसी (एचएस) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के अंतर्गत आने वाली चीनी की निर्यात नीति को “प्रतिबंधित” श्रेणी से बदलकर “निषिद्ध” कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के तहत अब सामान्य परिस्थितियों में चीनी का निर्यात नहीं किया जा सकेगा। हालांकि सरकार ने कुछ विशेष श्रेणियों को इस प्रतिबंध से छूट दी है। यूरोपीय संघ और अमेरिका को सीएक्सएल एवं टीआरक्यू कोटे के तहत होने वाला निर्यात, एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के तहत निर्यात तथा अन्य देशों की खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए सरकार-से-सरकार के स्तर पर होने वाली आपूर्ति पर यह रोक लागू नहीं होगी। इसके अलावा जिन खेपों की निर्यात प्रक्रिया पहले से जारी है, उन्हें भी राहत दी गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार लगातार दूसरे वर्ष देश में चीनी उत्पादन खपत से कम रहने की आशंका जताई जा रही है। प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में कमजोर पैदावार के कारण सरकार सतर्क नजर आ रही है। इससे पहले केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को 1.59 मिलियन टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। गौरतलब है कि भारत ब्राजील के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है। सरकार के इस कदम को घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने और बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।