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105 वर्षीय किसुन महतो के निधन से पतरा गांव में शोक की लहर, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में थी विशेष पहचान

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

गांव के पहान और पुजारी के रूप में दशकों तक समाज सेवा करते रहे किसुन महतो

105 वर्षीय किसुन महतो के निधन से पतरा गांव में शोक की लहर, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में थी विशेष पहचान

हजारीबाग : बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत तलसवार पंचायत के पतरा गांव में 105 वर्षीय किसुन महतो के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे गांव के वरिष्ठतम लोगों में शामिल थे और लंबे समय तक गांव के पहान एवं पुजारी के रूप में सामाजिक और धार्मिक दायित्वों का निर्वहन करते रहे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार किसुन महतो, स्वर्गीय शिवा महतो के पुत्र थे और उन्होंने 105 वर्ष की आयु पूरी की थी। इतनी लंबी उम्र तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने को लेकर क्षेत्र के लोग उन्हें प्रेरणास्रोत मानते थे। ग्रामीणों का कहना है कि वे सरल स्वभाव, धार्मिक प्रवृत्ति और समाज के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। गांव में होने वाले पूजा-पाठ, पारंपरिक अनुष्ठानों और सामाजिक आयोजनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। पतरा निवासी समाजसेवी सह वार्ड सदस्य अजय कुमार महतो ने बताया कि किसुन महतो गांव की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान थे। उनके निधन से गांव ने एक अनुभवी और सम्मानित बुजुर्ग को खो दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि नई पीढ़ी के लिए उनका जीवन अनुकरणीय था। मृतक अपने पीछे पत्नी जिरवा देवी, पुत्र मकुंद महतो, बंशी महतो सहित तीन बेटियां, नाती-पोते और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे। किसुन महतो के निधन पर विधायक रोशनलाल चौधरी, प्रमुख फुलवा देवी, मुखिया गीता देवी, पंचायत समिति सदस्य मेघा कुमारी, पूर्व मुखिया शुक्ला तुरी, पूर्व पंसस केदार महतो, उप मुखिया मीठु महतो, समाजसेवी अजय कुमार महतो, विनय कुमार, रामावतार महतो समेत कई जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

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