जिला प्रशासन ने जनस्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु "फूड सेफ्टी वाहन" को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जिला प्रशासन ने सभी खाद्य विक्रेताओं से स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यक लाइसेंस व पंजीकरण कराए जाने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।

Report by Amit Sahay
गिरिडीह। जिला प्रशासन ने जनस्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को विशेष "फूड सेफ्टी व्हीकल" की शुरुआत की।इस मौके पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह, जिला जनसंपर्क अधिकारी अंजना भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिता कुजूर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपायुक्त ने बताया कि यह मोबाइल यूनिट शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ठेला, खोमचा और सड़क किनारे बिकने वाले गुपचुप, पानीपुरी, चाट, छोला, फास्ट फूड और अन्य खुले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा। वाहन आधुनिक जांच उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे मौके पर प्राथमिक परीक्षण करके मिलावटी पदार्थों की पहचान तेजी से की जा सकेगी। इस दौरान सिविल सर्जन ने चेतावनी दी कि गर्मियों में दूषित खाद्य पदार्थों से फूड पॉयजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए यह पहल जागरूकता बढ़ाने और मानकों के कठोर पालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य के मामले में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी खाद्य विक्रेताओं से स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यक लाइसेंस व पंजीकरण कराए जाने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। साथ ही नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल स्वच्छ व सुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन करें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना प्रशासन को दें।