अमर्यादित भाषा भाजपा के वैचारिक चरित्र को उजागर करती है : गोपाल सिंह
देश की जनता अब इस तरह की विभाजनकारी और स्तरहीन राजनीति को समझ चुकी है

मेदिनीनगर : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर पलामू जिला कांग्रेस प्रवक्ता गोपाल सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
गोपाल सिंह ने अपने बयान में कहा कि इस प्रकार की अशोभनीय और व्यक्तिगत टिप्पणी न केवल संबंधित नेता के वैचारिक संस्कार को दर्शाती है, बल्कि यह भारतीय जनता पार्टी के समग्र वैचारिक चरित्र को भी उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा असहमति का जवाब तर्क और संवाद से देने के बजाय व्यक्तिगत आक्षेप और अपमानजनक भाषा का सहारा लेती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं का अवमूल्यन है।
उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से शालीनता और संयम की अपेक्षा की जाती है, लेकिन जब वही व्यक्ति स्तरहीन भाषा का प्रयोग करता है, तो यह केवल उसकी व्यक्तिगत सोच नहीं, बल्कि उसकी पार्टी की कार्यशैली को भी प्रदर्शित करता है। यह लोकतंत्र के स्वस्थ संवाद के लिए खतरनाक संकेत है।
गोपाल सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा से विचारों और सिद्धांतों की राजनीति करती रही है, जबकि भाजपा अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करती है। जब जनता के ज्वलंत मुद्दों पर जवाब नहीं होता, तब व्यक्तिगत हमलों का सहारा लिया जाता है।
अंत में उन्होंने कहा कि देश की जनता अब इस तरह की विभाजनकारी और स्तरहीन राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देगी। लोकतंत्र में मर्यादा, संवाद और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए, अन्यथा यह गिरता स्तर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता रहेगा।