अब पलामू किला का होगा जीर्णोद्धार, दो माह में होगा काम शुरू
एक से डेढ़ वर्षो में जीर्णोद्धार का कार्य पूरा हो जाएगा।

मेदिनीनगर (पलामू) : प्राचीनतम पलामू किला का जीर्णोद्धार कार्य अगले दो महीने में शुरू होगा। जीर्णोद्धार कार्य के लिए सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। नया व पुराना पलामू किला का जीर्णोद्धार कार्य एक साथ शुरू किया जाएगा। जीर्णोद्धार करने वाली टीम ने मौसम के हिसाब से अलग-अलग योजना बनाई है। गर्मी के दिनों के लिए अलग व बरसात के दिनों के लिए अलग योजना तैयार की गई है। गर्मी के दिनों में किला का बाहरी कार्य होगा। बरसात के दिनों में किला के अंदर जीर्णोद्धार किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड सरकार ने पलामू किला के जीर्णोद्धार करवाने की घोषणा की थी। सूबे के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसकी घोषणा की थी। पलामू किला का जीर्णोद्धार कार्य करने के लिए हेरिटेज कंजर्वेशन के श्रीदेव सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने पलामू किला का सर्वे किया है। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार से बजट मांगी गई है। इस संबंध में पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने बताया कि अगले दो महीने में पलामू किला का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो जाएगा। एक्सपर्ट की टीम बरसात के दिनों में किले की अंदरूनी भाग व गर्मी के दिनों में बाहरी भाग में जीर्णोद्धार का कार्य करेगी। एक से डेढ़ वर्षो में जीर्णोद्धार का कार्य पूरा हो जाएगा।पलामू किला महान चेरो राजवंशज के भव्यता का प्रतीक है। राजा प्रताप राय ने 1628 से 1658 के बीच पुराने किला का निर्माण प्रतापी राज मेदिनीराय ने 1658 से 1674 के बीच करवाया था। सुंदर नक्काशी के कारण पलामू किला के दरवाजे को नागपुरी दरवाजा भी कहा जाता है। दरवाजे की चौड़ाई 15 फीट और ऊंचाई 40 फिट है।