सुदूरवर्ती गांव में किराना दुकान चलाने वाले का बेटा बना जिला टॉपर, आर्थिक तंगी पर मेहनत की जीत
संसाधनों की कमी के बीच अनुपम लाहा ने रचा इतिहास, माता-पिता के त्याग ने दिलाई सफलता

चांडिल : झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट विज्ञान परीक्षा के परिणाम में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिले के टॉप टेन में जहां पांच छात्र शामिल हुए वहीं ईचाडीह प्रखंड अंतर्गत तिरुलडीह स्थित इंटर कॉलेज तिरुलडीह के छात्र अनुपम लाहा ने 459 अंक हासिल कर जिला टॉपर बनकर इतिहास रच दिया। लेकिन इस सफलता के पीछे सिर्फ अंक नहीं बल्कि संघर्ष, गरीबी और माता-पिता के अथक परिश्रम की लंबी कहानी छिपी है। सुदूरवर्ती गांव ईचाडीह के रहने वाले अनुपम एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता गांव में एक छोटा सा किराना दुकान चलाते हैं जिससे परिवार का गुजारा होता है। सीमित आय के कारण कई बार आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद माता-पिता ने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। अनुपम की सफलता उनके माता-पिता के त्याग और संघर्ष का परिणाम है। पिता ने अपनी छोटी सी दुकान से होने वाली आय में से हर संभव बचत कर बेटे की पढ़ाई पर खर्च किया वहीं परिवार ने भी कई जरूरतों से समझौता किया ताकि अनुपम अपने सपनों की ओर आगे बढ़ सके। गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी, संसाधनों का अभाव और आवागमन की कठिनाइयों के बावजूद अनुपम ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। बचपन से ही उनका सपना रक्षा सेवा में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना रहा है और इसी लक्ष्य ने उन्हें हर मुश्किल से लड़ने की ताकत दी। अपनी इस उपलब्धि पर अनुपम कहते हैं कि यह उनके माता-पिता के विश्वास और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है उनका असली लक्ष्य अभी बाकी है। अनुपम की सफलता से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा गांव और चांडिल अनुमंडल क्षेत्र गौरवान्वित है। उनकी कहानी आज ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो यह संदेश देती है कि अगर हौसले बुलंद हों और माता-पिता का साथ मिले तो आर्थिक तंगी भी सफलता की राह नहीं रोक सकती।