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पानी भरे गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत, गांव में पसरा मातम

रिपोर्ट: VBN News Desk2 घंटे पहलेझारखण्ड

2021 के दर्दनाक घटना की याद हुई ताजा, ग्रामीणों ने खतरनाक गड्ढों को भरने की उठाई मांग

पानी भरे गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत, गांव में पसरा मातम

लातेहार : जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित आरा गांव में शुक्रवार शाम एक हृदयविदारक हादसे में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत बच्चों के पिता द्वारिका गंझु तेतरियाखांड कोलियरी में सीसीएल कर्मी हैं। एक साथ तीन बच्चों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार द्वारिका गंझु की पुत्री माही कुमारी (9 वर्ष), दीपिका कुमारी (6 वर्ष) तथा पुत्र आर्यन कुमार (3 वर्ष) शुक्रवार शाम गांव के समीप स्थित पानी से भरे एक पुराने गड्ढे में नहाने गए थे। बताया जाता है कि वर्षों पूर्व पत्थर (फरकले) निकालने के लिए इस गड्ढे की खुदाई की गई थी जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। नहाने के दौरान तीनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन एवं ग्रामीण बच्चों को तत्काल बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक डॉ. दयानंद कुमार ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में यह खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह हादसा एनटीपीसी की निर्माणाधीन कन्वेयर बेल्ट के समीप स्थित पानी भरे गड्ढे में हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा लंबे समय से हादसों को न्योता दे रहा था लेकिन इसे सुरक्षित करने या भरने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी बालूमाथ प्रखंड के बुकरू गांव में करमा डाल विसर्जन के दौरान सात बच्चियों की डूबने से मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी खतरनाक गड्ढों को भरने की पहल नहीं की गई। घटना की सूचना पर बालूमाथ थाना प्रभारी अमित कुमार, सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार एवं देवेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक गड्ढों की पहचान कर उन्हें तत्काल भरवाने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

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