दो दशक बाद भी शुरू नहीं हो सका आदिवासी बालिका छात्रावास, उपायुक्त से कार्रवाई की मांग
छात्राओं को किराए के मकानों में रहकर करनी पड़ रही पढ़ाई, जिप सदस्य ने लिखा पत्र

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय में करीब 20 वर्ष पूर्व निर्मित आदिवासी बालिका छात्रावास अब तक शुरू नहीं हो पाने से क्षेत्र की छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रावास बंद रहने के कारण आदिवासी छात्राओं को किराए के मकानों में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखनी पड़ रही है। इस मुद्दे को लेकर जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने उपायुक्त को पत्र लिखकर छात्रावास जल्द शुरू कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े छात्रावास का हाल ही में जिला परिषद के माध्यम से जीर्णोद्धार कराया गया है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अब भवन पूरी तरह उपयोग के लिए तैयार बताया जा रहा है। इसके बावजूद छात्रावास का संचालन शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों और छात्राओं में नाराजगी बढ़ रही है। जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने उपायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा है कि छात्रावास में नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए ताकि छात्राओं को रहने और पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि छात्रावास के लिए पूर्व में बेड सहित कई आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी भी की जा चुकी है लेकिन संचालन शुरू नहीं होने के कारण सारी व्यवस्था बेकार पड़ी हुई है। उन्होंने यह भी मांग की कि कल्याण विभाग के माध्यम से छात्रावास संचालन के लिए वार्डन और सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। उनका कहना है कि छात्रावास शुरू होने से दूर-दराज गांवों की आदिवासी छात्राओं को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार आदिवासी छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है लेकिन वर्षों से तैयार छात्रावास का संचालन शुरू नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।