कुनाबेड़ा चौक पर शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि, प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा- अधूरे सपनों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि
शहीद निर्मल महतो के विचार आज भी प्रासंगिक, युवाओं से सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान

सरायकेला : गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कुनाबेड़ा चौक पर शनिवार को झारखंड आंदोलन के प्रमुख नायक एवं शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर झामुमो नेता एवं शिक्षाविद प्रो. कालीपद सोरेन ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहीद निर्मल महतो को श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रो. सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने झारखंड की पहचान, अधिकार और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष केवल अलग राज्य के निर्माण तक सीमित नहीं था बल्कि वे झारखंड के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए भी लगातार संघर्षरत रहे। उनका जीवन और विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य बनने के बावजूद शहीद निर्मल महतो के कई सपने अधूरे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा तथा जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज भी बड़ी जिम्मेदारी है। प्रो. सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो के सपनों का झारखंड तभी बनाया जा सकता है, जब सभी वर्ग एकजुट होकर जनहित और राज्य के विकास के लिए कार्य करें। उन्होंने युवाओं से उनके संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद निर्मल महतो के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने तथा सामाजिक न्याय, जनहित और झारखंड के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।