हूल दिवस पर सिद्धू-कान्हू को श्रद्धांजलि, झामुमो ने उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
सिद्धू-कान्हू के संघर्ष से ही आदिवासी समाज को मिलेगी नई दिशा : कृष्णा बास्के
सिद्धू-कान्हू के आदर्श अपनाकर झारखंड के विकास में निभाएं सक्रिय भूमिका : कालीपद सोरेन

राजनगर : हूल दिवस के अवसर पर सोमवार शाम झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से राजनगर मुख्य चौक स्थित सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान संताल हूल के महानायक सिद्धू-कान्हू के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने कहा कि सिद्धू-कान्हू ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा शोषण के खिलाफ जो ऐतिहासिक संघर्ष किया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार आदिवासी, दलित एवं वंचित समुदायों के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर समाज और राज्य के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की। वहीं झामुमो के वरिष्ठ नेता कालीपद सोरेन ने कहा कि हूल दिवस केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं बल्कि अपने इतिहास, संस्कृति और विरासत को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कान्हू के आदर्शों को अपनाकर ही समाज को संगठित और सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने आदिवासी समाज से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सिद्धू-कान्हू के सपनों के अनुरूप न्यायपूर्ण, समतामूलक और समृद्ध झारखंड के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।