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चैनपुर में ‘बाल विवाह मुक्त झारखंड’ अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

रिपोर्ट: शनिरंजन 17 दिन पहलेझारखण्ड

बाल विवाह रोकने में माताओं और समाज की भूमिका अहम : उप समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाईक

चैनपुर में ‘बाल विवाह मुक्त झारखंड’ अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

गुमला : चैनपुर प्रखंड परिसर में बुधवार को समाज कल्याण विभाग एवं झारखंड सरकार के तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं को सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक करना तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन उप समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाईक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, समाज कल्याण निदेशालय रांची की रागिनी सिंहा, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्णिमा कुमारी, बीडीओ श्रीयादव बैठा एवं अनुमंडलाधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए सबसे पहले माताओं को जागरूक होकर आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के कारण बच्चियों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बाल विवाह या अन्य सामाजिक कुप्रथाओं को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। उप समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाईक ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि झारखंड को हर हाल में बाल विवाह मुक्त बनाना है ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी गांव में बाल विवाह की सूचना मिलने पर उसे तुरंत रोका जाए, परिवार की काउंसलिंग की जाए और बच्ची को शिक्षा तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक विवाह कार्यक्रम, मिशन शक्ति, डायन कुप्रथा प्रतिषेध अधिनियम-2001 सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर बाल विवाह एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में बीडीओ, सीओ, मुखिया, महिला पर्यवेक्षिकाएं, सेविकाएं, सहिया, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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