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कालीचामदा गांव की जर्जर सड़क से ग्रामीण त्रस्त, आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट: MANISH 3 घंटे पहलेझारखण्ड

350 से अधिक लोगों का जीवन प्रभावित, बीमार और बच्चों की राह बनी मुश्किल

कालीचामदा गांव की जर्जर सड़क से ग्रामीण त्रस्त, आंदोलन की चेतावनी

ईचागढ़ : प्रखंड अंतर्गत मैंसाढ़ा पंचायत के कालीचामदा गांव में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव तक जाने वाली सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है जिससे करीब 70 परिवारों (350-400 लोगों) का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विशेषकर बरसात के दिनों में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो से मुलाकात कर समाधान की मांग की। राकेश रंजन महतो ने बताया कि पहले चरण में प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष समस्या रखी जाएगी। यदि वहां से समाधान नहीं होता है तो उपायुक्त कार्यालय में शिकायत की जाएगी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीण गुरुवारी सरदार ने बताया कि सड़क खराब होने से रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। तरूलाता हांसदा ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है जबकि सीता नापित और रीता सिंह मुंडा ने बीमारों और गर्भवती महिलाओं के लिए इसे जानलेवा स्थिति बताया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है ताकि उन्हें बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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