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बरवाडीह रेलवे कॉलोनी में मौत को दावत देते जलभराव वाले गड्ढे, बच्चों और मवेशियों पर मंडरा रहा खतरा

रिपोर्ट: अकरम 2 घंटे पहलेझारखण्ड

निर्माण स्थल बदलने के बाद भी नहीं भरे गए गहरे गड्ढे, रेलवे की लापरवाही से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

बरवाडीह रेलवे कॉलोनी में मौत को दावत देते जलभराव वाले गड्ढे, बच्चों और मवेशियों पर मंडरा रहा खतरा

बरवाडीह, लातेहार : धनबाद रेल मंडल अंतर्गत बरवाडीह रेलवे कॉलोनी स्थित सुभाष चौक के समीप प्रस्तावित फिल्टर हाउस निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। निर्माण स्थल बदल दिए जाने के बावजूद पुराने स्थान पर खोदे गए गड्ढों की अब तक भराई नहीं कराई गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा पूर्व में फिल्टर हाउस निर्माण के लिए जेसीबी मशीन से गहरे गड्ढे खोदे गए थे। बाद में तकनीकी अथवा प्रशासनिक कारणों से निर्माण कार्य को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया लेकिन पुराने निर्माण स्थल को सुरक्षित बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप बारिश के पानी से गड्ढे तालाब का रूप ले चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव वाले इन गड्ढों के समीप रेलवे का चिल्ड्रन पार्क स्थित है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे खेलने आते हैं। ऐसे में किसी बच्चे के फिसलकर गहरे पानी में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं आसपास विचरण करने वाले मवेशियों के भी इन गड्ढों में गिरने का खतरा बना हुआ है। रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य के दौरान या कार्य स्थगित होने की स्थिति में स्थल को सुरक्षित रखना, गड्ढों की भराई करना अथवा बैरिकेडिंग एवं चेतावनी बोर्ड लगाना संबंधित एजेंसी और विभाग की जिम्मेदारी होती है। सुरक्षा उपायों की अनदेखी होने पर जन-धन की हानि की स्थिति में संबंधित अधिकारियों एवं संवेदक की जवाबदेही तय की जा सकती है। स्थानीय लोगों और रेल कर्मचारियों ने धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों तथा संबंधित संवेदक से अविलंब गड्ढों की भराई कराने, बैरिकेडिंग लगाने और चेतावनी संकेत बोर्ड स्थापित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

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