जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कसी लगाम, 108 एंबुलेंस सेवा, आयुष्मान अस्पतालों की कार्यप्रणाली और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर जताई चिंता
बिना प्रतिवेदन के पहुंचे जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुश्री महतो ने जताई नाराजगी, अस्पतालों और योजनाओं की निगरानी तेज करने के निर्देश

सरायकेला-खरसावां : जिला परिषद उपाध्यक्ष सह स्थायी समिति अध्यक्ष मधुश्री महतो ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त खामियों, आयुष्मान योजना के लाभुकों को समय पर इलाज नहीं मिलने और विभिन्न विभागों की लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई। जिप उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अस्पतालों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और 108 एंबुलेंस सेवा को हर हाल में सुचारु रखने का निर्देश दिया। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों में गरीब मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को लेकर उन्होंने जांच टीम गठित कर कार्रवाई करने की बात कही। बैठक में प्रशासनिक उदासीनता भी उजागर हुई। जिला परिषद सचिव द्वारा पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद जिला शिक्षा पदाधिकारी बिना विभागीय प्रतिवेदन के बैठक में पहुंचे, जिस पर मधुश्री महतो ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए इसे विभागीय जवाबदेही की कमी बताया। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकें केवल औपचारिकता नहीं हैं और अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ उपस्थित होना चाहिए। कुकड़ू प्रखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर भी उन्होंने चिंता जताई और नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के साथ डॉक्टरों, एएनएम, नर्स एवं अन्य कर्मियों के पद सृजित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में रिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका-सहायिका की नियुक्ति और पोषाहार योजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक के अंत में जिप उपाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि जनहित की योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उनके सख्त तेवर से यह स्पष्ट संकेत मिला कि जिला परिषद अब योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यशैली पर लगातार नजर रखेगी।